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हर साल तीन लाख बच्चे होते हैं यौन शोषण का शिकार

बिलासपुर। नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भारत यात्रा शनिवार को शहर पहुंची। इस दौरान राजेंद्र नगर शासकीय स्कूल में सभा हुई। देश भ्रमण पर निकले ओमप्रकाश ने इस मौके पर बच्चों पर हो रहे अत्याचार को रोकने की अपील की और लोगों को जागरूक किया। बताया कि देश में हर साल 3 लाख बच्चे यौन शोषण का शिकार होते हैं।

सभा में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने सभा का शुभारंभ करते हुए कहा कि श्री सत्यार्थी को वर्ष 2014 में बाल अधिकार के क्षेत्र में काम करने के लिए नोबल शांति पुरस्कार से नवाजा गया है। वे अब देश में बच्चों के खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ कदम उठाते हुए उन्होंने 26 सितंबर से भुवनेश्वर से बाल यौन शोषण और दुव्यर्वहार रोकने के लिए देशव्यापी भारत यात्रा निकाली है।

हमें भी इस गंभीर विषय पर लोगों को जागरूक करना होगा, तभी बच्चों पर हो रहे अत्याचार को खत्म किया जा सकेगा। इस अवसर पर यात्रा में पूरे देश का भ्रमण कर रहे श्री ओमप्रकाश ने कहा कि देश में हर दिन लगभग 40 बच्चे दुष्कर्म, हर दिन 48 बच्चों के साथ छेड़खानी, हर दिन करीब 10 बच्चे ट्रैफिकिंग (वेश्यावृत्ति और बाल मजदूरी) का शिकार होते हैं। इसे हर हाल में रोकना होगा।

यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो ऐसी आशंका रहेगी कि कल आपका बच्चा भी इसका शिकार हो सकता है। इन्हीं घटनाओं को रोकने के लिए नोबल शांति पुरस्कार विजेता श्री सत्यार्थी ने देशव्यापी भारत यात्रा निकाली है। इस दौरान यात्रा में शामिल दिलीप कुमार बुरानी ने कहा कि हर साल 3 लाख बच्चे इसका शिकार हो रहे हैं। जब तक बचपन को सुरक्षित नहीं रखा जाएगा तब तक सुरक्षित भारत का निर्माण नहीं हो सकता है। सुरक्षित भारत बनाने की जिम्मेदारी हमारी है, इसलिए हमे ही आगे बढ़कर इसे खत्म करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद लखनलाल साहू ने की। इस दौरान डीपी विप्र कॉलेज के एनएसएस के छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

इस तरह बरतें सतर्कता

सभा में उपस्थित अतिथियों ने बताया कि सतर्कता बरतने से हम बच्चों पर हो रहे अत्याचार को रोक सकते हैं। लोगों को हिदायत दी गई कि बच्चों के साथ घर, पार्क, स्कूल जाते समय उनका पूरा ध्यान रखें। असामाजिक तत्व ऐसी ही जगह पर सक्रिय रहते हैं। बच्चों की खमोशी और व्यवहार में बदलाव को नजर अंदान न करें। यौन शोषण करने वाले ज्यादातर लोग करीबी होते हैं। बच्चों के साथ ऐसे लोगों के हावभाव और व्यवहार पर नजर रखें। आवश्यकता पड़ने पर चाइल्ड लाइन व पुलिस को इसकी जानकारी दें।

हर शहर में फैलाई जाएगी जागरूकता

यात्रा का मुख्य उद्देश्य बच्चों के खिलाफ हो रहे यौन शोषण को रोकना है। इसके लिए पूरे देश का भ्रमण किया जाएगा। आने वाले दिनों में प्रत्येक शहर में यह यात्रा पहुंचकर लोगों को इस तरह के अपराध रोकने के लिए जागरूक करेगी।

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