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जनरक्षा यात्रा बीच में छोड़ दिल्ली आए शाह, पीएम के साथ हो रही अहम बैठक

नई दिल्ली :  केरल में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) और बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) के कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में जारी जनरक्षा यात्रा को बीच में ही छोड़कर अमित शाह दिल्ली आ गए हैं।

बीजेपी ने केरल की एलडीएफ सरकार की कथित ‘लाल आतंक और जेहादी आतंक’ की नीति के खिलाफ इस यात्रा की शुरुआत की है, जिसका मकसद वामपंथ के गढ़ रहे दक्षिण के इस राज्य में पार्टी की सियासी जमीन को मजबूत करना है।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर वित्त मंत्री अरुण जेटली और शाह के बीच अहम बैठक हो रही है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अर्थव्यवस्था की खराब हालत को लेकर जारी आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि कुछ लोग नकारात्मकता फैलाने में लगे हुए हैं।

मोदी ने कहा कि वास्तव में देश में पिछले तीन सालों के दौरान कई अहम आर्थिक सुधारों की शुरुआत की गई है।

बैठक की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केरल में 15 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में शाह को मौजूद रहना था और इस दौरान मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों को शामिल होना था।

बुधवार को इस यात्रा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए थे और उन्होंने संघ और बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर जमकर निशाना साधा था।

केरल के कन्नूर जिले से शुरू की गई इस यात्रा का समापन 17 अक्टूबर को राजधानी त्रिवेंद्रम में होना है। समापन बैठक में बीजेपी के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

हालांकि यात्रा शुरू होने के ठीक बाद ही शाह को तत्काल दिल्ली आना पड़ा है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के आरोपों के बाद से देश की खराब आर्थिक हालत को लेकर मोदी सरकार बचाव की स्थिति में है।

इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली और शाह ने सरकार की आलोचना का जवाब दिया था लेकिन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही इसकी जिम्मेदारी संभालते हुए आलोचकों को जवाब दिया।

शाह के बीच में यात्रा छोड़कर दिल्ली में आने के बाद मार्क्सवादी नेता एम वी गोविंदन ने बीजेपी पर निशाना साधा है। वहीं कांग्रेस नेता रमेश चेनिनथला ने कहा कि शाह के यात्रा को बीच में छोड़कर चले जाने के बाद जनरक्षा यात्रा ‘विलाप यात्रा’ में बदल गई है।

 

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