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पॉलीथीन के बाद अब फ्लैक्स और डिस्पोजन पर भी प्रतिबंध

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक के कैरी बैग्स के बाद अब प्लास्टिक से बने विज्ञापन व प्रचार सामग्री और खान-पान का सामान परोसने में प्रयुक्त डिस्पोजल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अल्पजीवन पालीविनायल क्लोरीन (पीवीसी) और क्लोरीन युक्त प्लास्टिक यानी पीवीसी के बेनर, फ्लैक्स, होर्डिंग्स, फोम बोर्ड के साथ प्लास्टिक के कप, गिलास, प्लेट, बाउल व चम्मच प्रतिबंधित हैं। कैरी बैग्स पर यहां दिसम्बर 2014 से रोक है।

आवास और पर्यावरण विभाग ने प्लास्टिक जनित वस्तुओं के निर्माण, भण्डारण, आयात, विक्रय, परिवहन और उपयोग पर भी पाबंदी लगा दी है। इस संबंध में 27 सितंबर को अधिसूचना जारी की गई है।

प्लास्टिक कैरी बैग, अल्पजीवन पीवीसी और क्लोरीन युक्त प्लास्टिक की वजह से गटर, नालों व अन्य नालियों में रुकावट आती है। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। साथ ही स्वास्थ्य व पर्यावरण से जुड़ी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की दिल्ली स्थित प्रमुख पीठ ने 2 जनवरी 2017 को इन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।

यह होगा असर

– छत्तीसगढ़ में कोई भी उद्योग, प्लास्टिक कैरी बैग, अल्पजीवन पीवीसी एवं क्लोरीन युक्त प्लास्टिक विनिर्माण नहीं करेगा।

– कोई भी व्यक्ति जिसमें विज्ञापनकर्ता, दुकानदार, विक्रेता, थोक या फुटकर विक्रेता, व्यापारी, फेरी लगाने वाले आदि सम्मिलित है, वे इन प्लास्टिक आधारित वस्तुओं का विनिर्माण, भण्डारण, आयात, विक्रय, परिवहन और उपयोग छत्तीसगढ़ राज्य में नहीं कर सकेंगे।

कलेक्टरों को कार्रवाई की जिम्मेदारी

इस संबंध में जिला कलेक्टर, एसडीएम और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी कार्रवाई के लिए अधिकृत होंगे।

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