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भूपेश ही होंगे अध्यक्ष, पाटिल आज लेंगी पीसीसी की बैठक

रायपुर. कांग्रेस में संगठन चुनाव और संगठन में नियुक्तियों को लेकर चल रही खींचतान के बीच पार्टी की प्रदेश चुनाव अधिकारी रजनी पाटिल प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार कांग्रेस भवन में पीसीसी डेलीगेट्स की बैठक लेंगी। कुछ नेताओं का दावा है कि इस बैठक में तय होगा कि भूपेश बघेल को अध्यक्ष के रूप में रिपीट किया जाएगा या नहीं। कल शाम ही को प्रदेश संगठन की ओर से हर हाल में पार्टी आलाकमान को नए अध्यक्ष को लेकर हुए फैसले से अवगत करवाना है। इसलिए इस बैठक को लेकर पार्टी में भीतर ही भीतर गहमागहमी बढ़ गई है। पाटिल कल सुबह पहुंच रही हैं।संगठन चुनाव में बढ़ी खींचतान …
पार्टी में संगठन चुनाव की प्रक्रिया तीन माह पहले शुरू हुई और तभी से यहां के नेताओं में खींचतान बढ़ गई है। पार्टी के अधिकांश प्रमुख नेता ब्लाक और जिलाध्यक्षों से लेकर पीसीसी डेलीगेट तक के पदों पर अपने समर्थकों की नियुक्ति के लिए दिल्ली तक दबाव बनाए हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार यह इसलिए भी किया जा रहा है ताकि संगठन में समर्थक बढ़ाकर प्रदेश अध्यक्ष के लिए अधिकृत तौर पर दावेदारी की जा सके। गौरतलब है कि पिछले छह महीने के भीतर पार्टी के कुछ नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए न केवल दिल्ली में अपना दावा रखा है बल्कि उन्होंने भूपेश पर भी परोक्ष हमले किए हैं। एक-दो नेताओं ने तो नेतृत्व परिवर्तन की मांग तक की है।
नियुक्तियां दो-तीन दिन में ही
पार्टी सूत्रों के मुताबिक रजनी पाटिल कल की बैठक में प्रयास करेंगी कि संगठन में नियुक्तियों पर एक राय बना ली जाए। कुछ पीसीसी पदाधिकारियों का मानना है कि इस बैठक में एआईसीसी की तर्ज पर ही पीसीसी प्रमुख को जिलाध्यक्ष व पीसीसी डेलिगेट्स तय करने का अधिकार दे दिया जाएगा। हालांकि, माना जा रहा है कि जिलाध्यक्षों से लेकर पीसीसी डेलिगेट्स के नाम पीसीसी अध्यक्ष की सहमति से ही तय किए गए हैं। लिहाजा, प्रदेश संगठन के 34 जिलाध्यक्षों, 199 ब्लॉक प्रमुखों के साथ ही पीसीसी डेलीगेट्स के नाम की सूची दो तीन दिनों में जारी होने की संभावना है।
हंगामा होने के भी आसार
कल की बैठक के लिए एआरओ उषा नायडू रविवार शाम रायपुर पहुंच चुकी हैं। वहीं रजनी पाटिल कल सुबह पहुंचेंगी। पीसीसी और डीसीसी डेलीगेट्स की नियुक्ति को लेकर पार्टी के बड़े वर्ग में नाराजगी है। इसे देखते हुए कल की बैठक के लिए केवल नए डेलीगेट्स को फोन पर बुलाया जा रहा है। इसके बावजूद कल बड़ी संख्या में लोगों के कांग्रेस भवन पहुंचने की खबर है। ये सभी पीआरओ पाटिल को घेरकर नियुक्तियों में हुए भेदभाव पर नाराजगी जता सकते हैं। इनमें राजधानी के भी कई नेताओं को नजर अंदाज किया गया है। इनका आरोप है कि बड़े नेताओं ने अपने साथ साथ अपने बेटों तक को एडजस्ट करा लिया है। इतना ही नहीं एेसे नेता पुत्रों को भी बना दिया गया है जिन्होंने अब तक कांग्रेस की मेंबरशिप तक नहीं ली है।
एक लाइन का प्रस्ताव भेजेंगे
प्रदेश कांग्रेस में चल रही इसी उठापटक के कारण हाईकमान ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। पार्टी के केंद्रीय चुनाव अधिकारी एम रामचंद्रन ने टकराव रोकने के लिए ही पीआरओ रजनी पाटिल को रायपुर जाकर समन्वय बनाने को कहा था। साथ ही, प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर एक नाम तय करने का जिम्मा भी उन्हीं का है। इसीलिए रजनी पाटिल कल रायपुर में पीसीसी पदाधिकारियों और पुराने डेलीगेट्स से चर्चा करेंगी। इसी बैठक में तय होगा कि प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा और संभवत: उसी दिन एक लाइन का प्रस्ताव आलाकमान के लिए दिल्ली भेज दिया जाएगा।
 राहुल पहले ही ले चुके भूपेश का नाम
बघेल समर्थकों समेत पार्टी के ज्यादातर नेताओं का मानना है कि जातिगत समीकरणों को देखते हुए प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। कल की बैठक के बाद भूपेश के दूसरे कार्यकाल का रास्ता साफ हो सकता है। संभावना है कि 31 अक्टूबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी की ताजपोशी हो जाएगी। इसी के साथ छत्तीसगढ़ में भी भूपेश बघेल के दूसरे कार्यकाल को हरी झंडी मिलने के पूरे आसार हैं। भले ही राज्य के कुछ नेता प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वे यह भी कह रहे हैं कि नेता प्रतिपक्ष सिंहदेव और भूपेश को एक-दूसरे के पदों पर बिठाया जा सकता है। लेकिन पीसीसी के पदाधिकारियों से राहुल गांधी ने बस्तर में कह दिया था कि भूपेश के नेतृत्व में ही अगला चुनाव लड़ा जाएगा

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