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गुजरात कांग्रेस ने हार्दिक पटेल को चुनाव लड़ने का भेजा बुलावा, मिला ये जवाब

 

 पाटीदार समाज के युवा नेता हार्दिक पटेल को कांग्रेस ने गुजरात में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए आमंत्रित किया है. गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भरत सोलंकी ने रविवार को कहा कि अगर हार्दिक पटेल चुनाव लड़ना चाहते हैं तो कांग्रेस में उनका स्वागत है.

  
गुजरात कांग्रेस ने हार्दिक पटेल को चुनाव लड़ने का भेजा बुलावा, मिला ये जवाब
गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल फिलहाल 24 साल के हैं, विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम उम्र 25 साल होनी चाहिए. (तस्वीर साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: पाटीदार समाज के युवा नेता हार्दिक पटेल को कांग्रेस ने गुजरात में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए आमंत्रित किया है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भरत सोलंकी ने रविवार को कहा कि अगर हार्दिक पटेलचुनाव लड़ना चाहते हैं तो कांग्रेस में उनका स्वागत है. भरत सोलंकी ने राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संयोजक जिग्नेश मेवाणी और ओबीसी समाज के नेता अल्पेश ठाकुर का भी पार्टी में स्वागत किया है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के इस प्रस्ताव पर हार्दिक पटेल ने कहा, ‘मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि चुनाव नहीं लड़ूंगा. वैसे भी मैं संवैधानिक तौर पर चुनाव लड़ने के काबिल नहीं हूं.’ हार्दिक ने कहा कि हम सब को बीजेपी के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है, लेकिन ये बता दूं कि ये कांग्रेस का नहीं छह करोड़ गुजरातियों का चुनाव है. मालूम हो कि हार्दिक पटेल फिलहाल 24 साल के हैं और विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम उम्र 25 साल है. हालांकि कांग्रेस की ओर से आए प्रस्ताव पर जिग्नेश मेवाणी और अल्पेश ठाकुर की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

साल 2015 में गुजरात के पटेलों ने आरक्षण के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू किया था. इसी आंदोलन में पहली बार हार्दिक पटेल सुर्खियों में आए. वे पाटीदार समाज के अगुवा के रूप में राष्ट्रीय मंच पर उभरकर आए. हालांकि कई मुकदमों में इनका नाम आने के बाद इन्हें कुछ दिनों के लिए जेल भी जाना पड़ा. विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही हार्दिक ने कांग्रेस के प्रति अपना झुकाव जाहिर किया था. उन्होंने राहुल गांधी के गुजरात आने का भी स्वागत किया था. गुजरात में पाटीदार समाज के 12 फीसदी वोट हैं.

जिग्नेश मेवाणी गुजरात में दलित समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं. राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संयोजक जिग्नेश मेवाणी के नेतृत्व में दलितों ने गुजरात की मौजूदा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. जिग्नेश मेवाणी ने गुजरात के 20 हजार दलितों को एक साथ मरे जानवर न उठाने और मैला न ढोने की शपथ दिलाई थी. इस आंदोलन में दलित मुस्लिम भी शामिल हुए थे.

हार्दिक पटेल के साथ ही गुजरात में अल्पेश ठाकुर भी ओबीसी नेता के रूप में उभरे हैं. हालांकि अल्पेश पाटीदार समाज को आरक्षण देने का विरोध करते हैं. वे गुजरात में पूर्ण शराबबंदी के मुद्दे के खिलाफ आंदोलन चला चुके हैं. गुजरात में कुल 40 फीसदी ओबीसी वोटर हैं.

 

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