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धान सोसायटियों मे प्रशासन की मनमानी को लेकर आक्रोश बोगस धान खरीदी बताकर रोकी 71 सोसायटियों की प्रोत्साहन राशि

 

9नवम्बर से आक्रोश आँदोलन 15नवम्बर से धान खरीदी क्या है सरकार की योजना

रायगढ़ 06 नवम्बर पिछले सत्र मे धान खरीदी के बाद जिले की 79 सोसायटियों मे जीरो शार्टेज दिखाकर वाह वाही लूटने वाला विपणन विभाग और जिला प्रशासन अब पैतरा बदलकर 71 सोसायटी प्रबँधन को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा किया है !
विपणन विभाग के अधिकरियो का कहना है की जिले की जीन 8 सोसायटियों ने नियम का पालन करते हुवे खरीदी का काम किया उन्हे तो उनका कमीशन और प्रोत्साहन की राशि का भुगतान कर दिया गया है.किंतु 71सोसायटियों ने शासन के नियमो और निर्देशो का पूरी तरह पालन नही किया उनके कमीशन और प्रोत्साहन की राशि का भुगतान रोका गया है!
शासन के इस निर्णय के विरुद्ध जिले भर की सोसायटियों ने आगामी 9नवम्बर को रायगढ़ जिला मुख्यालय मे एक बड़े आँदोलन का कार्यक्रम भी लगभग तय हो चुका है.क्योंकि सोसायटी प्रबँधन का कहना है की पिछले सत्र मे विपणन विभाग के स्पष्ट निर्देश थे की इस वर्ष शासन शार्टेज नही मानेगा इसलिये जीरो शार्टेज के आधार पर काम करना है जो हमने पूरी शिद्दत से करके दिया किंतु अब प्रशासन विभाग के जरिये आधार सीडिंग जैसे मुद्दे पर गलती बताकर हमारी मेहनत की कमीशन और प्रोत्साहन राशि को रोका जा रहा है!
वही दूसरी ओर विपणन अधिकरियो के अनुसार सोसायटी प्रबंधको ने पंजीकृत किसानो के शत प्रतिशत आधार लिँक नही किया जाना.मृत किसानो के नाम पर धान खरीदी किया जाना.छुट्टी के दिनो मे धान खरीदी किया जाकर रिकार्ड मे दर्ज किया जाना.सहित बड़ा आरोप के रूप मे डुप्लीकेट व फर्जी ऋण पुस्तिका के सहारे धान खरीदी किये जाने को आधार बनाकर 71 सोसायटियों की प्रोत्साहन व कमीशन की राशि रोक दिये जाने से धान खरीदी केंद्रो की चूले हिल गयी है !

जब गलत व फर्जी खरीदी हुई तो दोषियो पर कार्यवाही क्यों नही की गई

विपणन विभाग के अनुसार सोसायटियों ने पिछले पूरे सत्र मे शासन के निर्देशो के विरुद्ध धान खरीदी की गई है तब प्रशासन ने उन दोषी प्रबंधको के विरुद्ध कोई कानूनी कार्यवाही क्यों नही की जबकि सोसायटी प्रबंधको पर लगे आरोपो से यह भी तय हो जाता है की यदि इस तरह से धान की खरीदी की गई है !तब शासन ने इनके बोनश की राशि को क्यों नही रोका जबकि शासन के द्वारा तय अरोप के हिसाब से फर्जी या नियम विरुद्ध की गई धान खरीदी के सम्मिलित आँकडो के हिसाब से ही छत्तीसगढ़ सरकार ने दीपवली पूर्व बोनष बाँट कर दिवाली मनाई तो यहाँ सवाल यह उठता है की उस फर्जी आँकडो पे बाँटा गया बोनष का लाभ किसको मिला और उस बोनस से किसकी दिवाली रँगीन हुई यह भी एक जाँच का विषय सामने आता है!

शासन 15 नवम्बर से करेगा धान खरीदी और समिति प्रबंधक करेंगे 9 नवम्बर से करेंगे साशन के विरुद्ध आँदोलन

 

यहाँ मजेदार पहलू यह है की प्रबंधको के को कटघरे मे खड़े करने के बाद शासन ने 15 नवम्बर से इन्ही आरोपी सोसायटियों प्रबंधको के बूते पर धान खरीदी चालू करने की घोषणा की है.और दूसरी तरफ़ वही प्रबंधक शासन से नाराज हो 9 नवम्बर से रायगढ़ जिला मुख्यालय मे अपना आँदोलन शुरू करने की घोषणा कर चुके है तब ऐसे हालात मे छतीसगढ़ सरकार की धान खरीदी शुरू होने पर भी अनेक सवाल खड़े होते है

 

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