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प्रशासन की 35 टीमें करेंगी धान के बढ़े रकबे का सत्यापन

 
paddy demo 06 11 2017

रायगढ़। कमजोर मानसून एवं अल्प वर्षा के बाद रायगढ़ जिले की 6 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है लेकिन इस साल किसानों को धान का बोनस मिलने के बाद किसानों के पंजीयन में बढ़ोत्तरी हो गई है। पंजीयन के लिए 79 में से 39 समितियों में धान का रकबा और किसानों की संख्या बढ़ गई है। जिसके बाद कलेक्टर ने एसडीएम तहसीलदार सहित राजस्व अकिारियों वाली 35 टीम बनाकर रकबे का सत्यापन करने के आदेश दिए हैं।

खरीदी केंद्रों में पंजीयन के बाद समितिवार जो किसानों की जानकारी व धान का रकबा आया है। उसने जिला प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। ऑनलाइन पंजीयन के अनुसार जिले में इस बार किसानों की संख्या बीते साल के मुकाबले बढ़ी है और आश्चर्यजनक रूप से धान का रकबा भी बढ़ गया है।

रायगढ़ जिले में इस बार जुलाई महीने के बाद मानसून रूठ गया था और अगस्त महीने एवं सितंबर की शुरूआत में बारिश नहीं होने के कारण जिले की 6 तहसीलों को सूखा घोषित किया गया था लेकिन सितंबर महीने में ही सीएम ने धान पर लंबित बोनस देने का एलान कर दिया और बीते साल का बोनस का वितरण भी कर दिया ।

नतीजा यह हुआ कि अब धान पर प्रति क्विंटल मिलने वाले बोनस के लालच में पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ गई और इसके साथ-साथ समितियों में धान का रकबा भी बीते साल से बढ़ गया। पंजीयन के अंतिम दिन तक जो आंकड़ें सामने आए वो चौकाने वाले थे।

दरअसल सूखे की स्थिति के बाद भी जिले में करीब 12 हजार एकड़ से अधिक का रकबा बढ़ गया था और किसान भी 2016 के मुकाबले 5 हजार 822 अधिक हो गए। 79 में से 39 समितियों में धान का रकबा 50 हेक्टेयर से अकि बढ़ा है और ऐसे समितियों की जांच के लिए आला अकिारियों की 35 टीम भी बनाई गई है।

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