Categories Breaking Newsछत्तीसगढ़

बीच_बाज़ार_बिक_रहे_प्रतिबंधित_पटाखे, हो_रही_सुप्रीमकोर्ट_के_निर्देशों_की_खुली_अवहेलना !

बीच_बाज़ार_बिक_रहे_प्रतिबंधित_पटाखे,
हो_रही_सुप्रीमकोर्ट_के_निर्देशों_की_खुली_अवहेलना !

खरसिया। सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर फैसला देते हुए ना सिर्फ पटाखे फोड़ने का वक्त निर्धारित किया है, वरन 125 व इससे अधिक डेसीबल साउंड वाले पटाखों पर प्रतिबंध भी लगाया है। परंतु नगर में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की खुली अवहेलना हो रही है, वहीं अधिकारी ना जाने कहां गुम हो चुके हैं !

आपको बताएं सीरीज पटाखों में पांच-सौ से लेकर पांच-हजार तक की लड़ियाँ बाजार की दुकानों में सजाकर बेधड़क बेची जा रही हैं, जबकि माननीय सुप्रीमकोर्ट ने इन्हें प्रतिबंधित किया हुआ है, वहीं तेज आवाज वाले बम पटाखे भी आसानी से ग्राहकों को मुहैया करवाए जा रहे हैं।

🔴
जानिए, कितना नुकसान देते हैं ये पटाखे..

पीएम 10 को रेस्पायरेबल पर्टिकुलेट मैटर कहते हैं, इन कणों की साइज 10 माइक्रोमीटर होती है। इससे छोटे कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या कम होता है। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। पीएम 10 और 2.5 धूल, कंस्ट्रक्शन और कूड़ा व पटाखे आदि जलाने से ज्यादा बढ़ता है। पीएम 2.5 हवा में घुलने वाला छोटा पदार्थ है। पीएम 2.5 का स्तर ज्यादा होने पर ही धुंध बढ़ती है। वहीं विजिबिलिटी का स्तर भी गिर जाता है, सांस लेते वक्त इन कणों को रोकने के लिए हमारे शरीर में कोई सिस्टम नहीं है। ऐसे में पीएम 2.5 फेफड़ों के भीतर तक आसानी से पहुंच जाता है, जो बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इससे आंख, गले और फेफड़े की तकलीफ बढ़ती है, खांसी और सांस लेने में भी तकलीफ होती है। लगातार इस माहौल में रहने से फेफड़ों का कैंसर भी हो सकता है।

🔴
कहीं हो ना जाए अनहोनी, सुरक्षा के नहीं कोई साधन..

यह बताना तो ज़रूरी नहीं कि सभी पटाखों में बारूद होता है और इनका बड़ा भंडारण रिहायशी इलाके में किया जा रहा है। जबकि ना तो इन दुकानदारों के पास और ना ही नगर प्रशासन के पास ऐसी कोई सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है, जिससे किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके। ऐसे में सतर्कता ही एकमात्र सहायक हो सकती है, परंतु ना जाने किन वजहों से प्रशासन अपनी जवाबदारी से मुकर रहा है। डरी सहमी जनता में यही चर्चा है कि प्रशासन किसी अनहोनी का इंतजार तो नहीं कर रहा ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *