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छत्तीसगढ़ / 18 सीटों पर 70% मतदान, नक्सलियों ने 12 गांवों में लोगों को बंधक बनाया

बस्तर के किलेपाल में वोट डालने के लिए महिलाओं में काफी उत्साह दिखा।बस्तर के किलेपाल में वोट डालने के लिए महिलाओं में काफी उत्साह दिखा।
  • कई इलाकों में पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें नजर आईं, बड़ी तादाद में महिलाएं मतदान के लिए पहुंचीं
  • छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटें, 20 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान; नतीजे 11 दिसंबर को

रायपुर.  छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 18 सीटों पर मतदान खत्म हो गया। पहले चरण में कुल 70 फीसदी मतदान हुआ। नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के 12 गांवों में ग्रामीणों को वोट देने से रोकने के लिए उन्हें बंधक बना लिया। यह अभी पता नहीं चल पाया है कि कितने लोग बंधक बनाए गए हैं। हालांकि, बाकी इलाकों में नक्सलियों की धमकी बेअसर साबित होती दिखी। राजनांदगांव के परडौनी गांव और बस्तर के किलेपाल समेत कई नक्सल प्रभावित इलाकों में बूथों पर वोटरों की लंबी कतारें नजर आईं।

 

दंतेवाड़ा के निलावाया, बुरगुम, पोटाली, नहाडी, काकड़ी, बर्रेम, जबेली, रेवाली, एटपाल, जियाकोडता, पूजारी पाल और मुलेर के ग्रामीणों को बंधक बनाया गया है। एडिशनल एसपी जीएन बघेल ने बताया कि इन गांवों में वोटिंग बूथ खुले रहे, लेकिन वोट डालने के लिए कोई नहीं आया। नक्सली ग्रामीणों को ले गए और उन्हें बंधक बनाकर रखा है।
पांच सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय: पहले चरण में 31.79 लाख मतदाता हैं। कुल 190 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 42 उम्मीदवार करोड़पति हैं। कांग्रेस के 7 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। भाजपा का क्रिमिनल रिकॉर्ड वाला कोई उम्मीदवार नहीं है। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने बसपा के साथ गठबंधन किया है। इससे पहले चरण में चार से पांच सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा और परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे।

मतदान अपडेट्स 

कोंटा

  • कांकेर के आमापानी गांव में मतदान केंद्र को यहां से 12 किमी. दूर शिफ्ट कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने इसकी जानकारी नहीं दी। सुबह वोट देने पहुंचे लोग मतदान केंद्र के बाहर ही टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए।
  • दंतेवाड़ा के काटेकल्याण ब्लॉक में चुनाव ड्यूटी में लगे जवानों और पोलिंग पार्टी को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया। एआईजी (नक्सल विरोधी अभियान) देवनाथ ने बताया कि धमाका सुबह 5.30 बजे तुमकपाल-नयाननर रोड पर हुआ। इसमें किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
  • दंतेवाड़ा के आंवराभाटा पिंक बूथ में ईवीएम में खराबी के चलते सुबह तय समय से एक घंटे बाद मतदान शुरू हुआ। उधर, आंवराभाटा के मतदान केंद्र 85-2 में मतदान में 40 मिनट की देरी हुई। 3 जगह पर अब तक ईवीएम बदलने की नौबत आ चुकी है।
  • 53 पोलिंग बूथ पर तकनीकी कारणों के चलते मतदान देर से शुरू हो सका।

CG election

  • राजनांदगांव सीट से मुख्यमंत्री रमन सिंह और कांग्रेस प्रत्याशी करुणा शुक्ला आमने-सामने हैं। यह दोनों ही अपने लिए वोट नहीं डाल सके, क्योंकि रमन सिंह का नाम कवर्धा की वोटर लिस्ट में है जबकि करुणा शुक्ला रायपुर से मतदाता हैं।
  • बीजापुर के पामेड़ में नक्सलियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के दो जवान घायल हो गए। दोनों की हालत गंभीर है। वोटिंग के मद्देनजर सुरक्षाबलों का दल सर्चिंग पर निकला था, उसी दौरान नक्सलियों ने हमला कर दिया।
  • सुकमाबारसूर में नदी पार के मतदान बूथों पर सुबह 10 बजे तक वोट डालने के लिए कोई नहीं पहुंचा।
  • दक्षिण बस्तर में कांग्रेस विधायक और प्रत्याशी देवती कर्मा ने फरसपाल पोलिंग बूथ में मतदान किया।
  • कांकेर में चुनाव ड्यूटी में तैनात सीआरपीएफ जवान निर्मल तिग्गा की तबियत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।

कि ह

 

महिला और पुरुष वोटर बराबर

पुरुष 16 लाख 21 हजार 839
महिला 15 लाख 57 हजार 592
थर्ड जेंडर 89
राजनांदगांव सीट पर सबसे ज्यादा 30 उम्मीदवार हैं। सबसे कम पांच-पांच उम्मीदवार बस्तर और कोंडागांव सीट पर हैं।

 

कांग्रेस ने 9 मौजूदा विधायक पर भरोसा दिखाया: कांग्रेस के 18 प्रत्याशियों में से नौ मौजूदा विधायक हैं। इनमें मनोज सिंह मांडवी (भानुप्रतापुर), मोहन लाल मरकाम (कोंडागांव), एल भगत (बस्तर), दीपक कुमार बैज (चित्रकोट), देवती कर्मा (दंतेवाड़ा), कवासी लखमा (कोंटा), गिरवर जंघेल (खैरागढ़) और दलेश्वर साहू (डोंगरगांव) शामिल हैं। 17 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला नजर आया। कोंटा में सीपीआई के आने से मुकाबला त्रिकोणीय मुकाबला बनता दिखा। ज्यादातर सीटों पर पुराने प्रद्विद्वंदियों के बीच भिड़ंत है, जबकि खुज्जी और कांकेर में दोनों ही दलों ने नए उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है।

 

2013 में कांग्रेस ने भाजपा से बस्तर और राजनांदगांव में 9 सीटें छीनी थीं

 

election

 

राज्य की 29 आदिवासी बहुल सीटों में 13 इन्हीं इलाकों में: प्रदेश में सबसे ज्यादा सीटें एसटी वर्ग के प्रभाव में हैं। कुल 90 में से 29 सीटें एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इसमें से 11 बस्तर संभाग में ही हैं। दो सीटें राजनांदगांव में आती हैं। इन पर छत्तीसगढ़ गठन से पहले भी हमेशा से कांग्रेस की जबरदस्त पकड़ रही। छत्तीसगढ़ बनने के बाद भाजपा ने दो बार यहां कांग्रेस को पछाड़ा, लेकिन 2013 में कांग्रेस ने इन इलाकों में वापसी की। ऐसे में इस बार के चुनाव में पहले चरण की सीटें निर्णायक साबित हो सकती हैं।

 

मोदी ने एक और राहुल ने तीन सभाएं कीं : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राजधानी में पार्टी का घोषणा-पत्र जारी किया। उन्होंने राजनांदगांव में मुख्यमंत्री रमन सिंह के लिए रोड शो किया। इधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बस्तर में 3 सभाएं और रोड शो किया। पार्टी का घोषणा पत्र भी जारी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगदलपुर में एक सभा की।

 

electionपहले चरण में इन पर नजर 

  • डॉ. रमन सिंह : मुख्यमंत्री राजनांदगांव सीट से लगातार तीन चुनावों (2003, 2008 और 2013) से जीतते आ रहे हैं। उन्होंने पहले फेज की 18 सीटों के लिए 27 से ज्यादा रैलियां कीं।
  • करुणा शुक्ला : करुणा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी हैं। कांग्रेस ने राजनांदगांव सीट पर रमन सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा है। राहुल गांधी ने उनके लिए 9 नवंबर को एक सभा और रोड शो भी किया। करुणा पहले भाजपा में थीं।
  • कवासी लखमा: कवासी लखमा आदिवासी नेता हैं और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हैं। वह पहली बार 2003 कांग्रेस के टिकट पर कोंटा सीट से चुने गए। उनकी नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। वे 2013 में झीरम घाटी में नक्सली हमले में बच गए थे। तब वे संदेह के घेरे में आए थे। भाजपा ने उनका नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी।