रोजगार:कोरोनाकाल में तीन गुना बढ़ी मनरेगा मजदूरों की संख्या, 76% टारगेट पूरा

रोजगार:कोरोनाकाल में तीन गुना बढ़ी मनरेगा मजदूरों की संख्या, 76% टारगेट पूरा

कोरोना लॉकडाउन के कारण वापस आए प्रवासी मजदूर और गरीबों के लिए मनरेगा बड़ी राहत बनी। जिले में चालू वित्त वर्ष 20-21 में 34 लाख 72 हजार मानव कार्य दिवसों का सृजन किया जा चुका है। जो वित्तीय वर्ष 2019-20 पूरे साल के 35 लाख कार्य दिवस के लगभग बराबर है। वही 2019-20 के पूरे वर्ष में 98 करोड़ का कार्य कराया गया था । जो 20-21 में अभी तक 109 करोड़ पहुच गया है ।इस तरह पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार ज्यादा कार्य हुआ है। लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के बाद, मनरेगा में काम मांगने वालों की संख्या में वृद्धि हुई। वर्ष 2019-20 की स्थिति में जहां 11 हजार जॉब कार्ड थे। जिनके माध्यम से 28 हजार परिवारों को रोजगार दिया गया था । वहीं इस वित्तीय वर्ष में 30 हजार से भी अधिक जॉब कार्ड हैं। 76 हजार लोगों को रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य लगभग पूर्णता की ओर है। कोरोना काल में शहरी क्षेत्रों में रोजगार कम हो गया था। जिससे ज्यादा लोगों ने जॉब कार्ड बनवाया। अप्रैल के पहले पखवाड़े में योजना बहुत गति नहीं पकड़ पाई थी। उसके बाद योजना से ज्यादा लोग रोजगार लेने लगे। पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले इस वर्ष 20 फीसद अधिक कार्य हुआ है। वित्तीय टारगेट भी 76 % पूरा हो गया है। 142 के मुकाबले 108 करोड़ रुपए खर्च हो चुका है। पूरे साल में 5 हजार से अधिक लोगों ने 100 दिन का रोजगार दिवस पूरा किया।