आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति को लेकर परियोजना अधिकारी सुर्खियों में ।

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सोनू कुमार चौधरी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति को लेकर परियोजना अधिकारी सुर्खियों में*

*अपने चहितों की नियुक्ति करने के फ़िराक में हैं परियोजना अधिकारी, कलेक्टर से हो चुकी है शिकायत ।

सूरजपुर/:–* ओड़गी विकास खण्ड के महिला बाल विकास में हो रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका भर्ती में नियमों की अनदेखी कर नियुक्ति करने करने का मामला सामने आ रहा है। जिसमे परियोजना अधिकारी की संलिप्तता बताई जा रही है हालांकि इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है। परियोजना कार्यालय ओड़गी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भर्ती इन दिनों चौक चौराहों में चर्चा का विषय बन गया है ,यह नियुक्ति विधानसभा चुनाव के कारण आचार सहिंता लगने के वजह से लंबित था जिसे अब अधिकारी अमलीजामा पहनाने में जुड़ गये हैं, उन्हें इस बात का भी संसय बना हुआ है कि कहीं एक सप्ताह बाद पुनः लोकसभा चुनाव के लिये आचार सहिंता न लग जाये उससे पूर्व अधिकारी नियुक्ति करने के फ़िराक में लगे हैं।

विभाग से जुड़े सूत्र तो यह भी बताते हैं कि परियोजना अधिकारी ओड़गी अगले माह सेवानिवृत्त होने वाली हैं यही कारण है कि बोते 4 मार्च को कलेक्टर से हुये शिकायत की भनक लगते ही आनन-फानन में अगले दिन 5 मार्च को परियोजना अधिकारी ने विभाग के स्थायी समिति की बैठक बुलाकर चयन सूची में अनुमोदन कराना चाहा परन्तु उनके मंसूबे पर उस वक्त पानी फिर गया जब समिति में सामिल जनपद सदस्यों को इस बात की जानकारी लग गयी कि जिस नियुक्ति के फ़ाईल में परियोजना अधिकारी समिति का हस्ताक्षर लेना चाह रही हैं उस नियुक्ति से जुड़ा एक शिकायत कलेक्टर के समक्ष किया जा चुका है जिसकी जांच अभी लंबित है । जिसे लेकर स्थायी समिति के सदस्य भड़क गये और परियोजना अधिकारी को जब तक कलेक्टर के समक्ष हुये शिकायत की जांच नही हो जाती तब तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की बात कहते हुये सभी जनपद सदस्य वहां से उठकर चले गये हालांकि प्रत्यक्षदर्शीयों की माने तो परियोजना अधिकारी व उनके सहयोगी जनपद सदस्यों से काफी देर तक हस्ताक्षर करने के लिये मिन्नतें करते नजर आये पर जनपद सदस्यों ने दो टूक में जवाब देते हुये यह कह दिया कि जब तक कलेक्टर के पास हुये शिकायत की जांच नही हो जाती तब तक फ़ाईल में हस्ताक्षर नही करेंगें।

*जिसकी शिकायत वही बना जांचकर्ता*

कलेक्टर को किये शिकायत की जांच महिला बाल विकास को दे दिया गया है अब भला ऐसे में उनसे न्याय की अपेक्षा करना बेईमानी होगा । नियमतः तो शिकायत की जांच ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा कराना था परंतु महिला बाल विकास को ही जांच करने का आदेश देना कहीं न कहीं दूध की रखवाली बिल्ली से करवाने की कहावत को चरितार्थ करता है ।

*जनप्रतिनिधि*

विभाग के स्थायी समिति में सामिल जनपद सदस्य संतोष गुप्ता ने बताया मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति के संबंध में परियोजना अधिकारी ओड़गी ने बैठक बुलवाया था जिसमे हम सभी समिति के मेंबर सामिल हुये थे। परियोजना अधिकारी के द्वारा नियुक्ति चयन प्रक्रिया में हम लोगों को अनुमोदन करने को कहा गया परंतु जिस नियुक्ति में अनुमोदन करना था वह संदेहास्पद प्रतीत हुआ जिसे गरीबी रेखा का अंक नही दिया जाना चाहिए उसे भी 06 अंक देकर नियुक्ति किया जा रहा था जिसकी शिकायत भी कलेक्टर के समक्ष किया जा चुका है जिसकी जांच अभी लंबित है बाउजूद इसके परियोजना अधिकारी के द्वारा समिति का अनुमोदन कराने का प्रयास किया गया जिसे हम सभी ने जांच उपरान्त अनुमोदन करने की बात कही है।

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