नियमों को ताक में रखकर मशीनरी से कराया जा रहा है ग्राम पंचायत बंशीपुर में डबरी निर्माण ।

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सोनू कुमार चौधरी

*सूरजपुर/जरही:–* जिले के जनपद पंचायत प्रतापपुर के अंतर्गत आने वाले गांव बंशीपुर में मशीन के द्वारा डबरी का निर्माण कराया जा रहा है जिससे गांव के निवासियों और मजदूरों का हक संबंधित विभाग द्वारा छीना जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार प्रधान मन्त्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत ग्राम बंशीपुर में डबरी का निर्माण किया जा रहा है जहां मजदूरों के काम करने का हक छीनकर मशीन के द्वारा डबरी का निर्माण कराए जाने का आरोप लग रहा है।

डबरी का निर्माण विभाग के जिस अभियंता की देखरेख में किया जा रहा है वही अभियंता असल में इस निर्माण कार्य का ठेकेदार भी है जो किसी और के नाम पर ठेकेदारी भी कर रहा है। डबरी निर्माण के लिए दो दिन पहले मशीन को गांव में उतारा गया उसी दिन से चर्चा का विषय बन गया था की आदर्श आचार संहिता में ऐसा कौन सा काम होने वाला है और मशीन किस काम के लिए गांव में आया हुआ है यदि यह किसी के व्यक्तिगत कार्य के लिए नहीं है तो फिर शासन की ऐसी कौन सी योजना का काम होने वाला है जिसके लिए मजदूरों को छोड़कर मशीन के द्वारा काम कराया जाएगा क्योंकि शासन की ज्यादातर योजनाओं में मजदूरों का ही उपयोग कर इन्हें रोजगार दिया जाता है ,इसी बात को और गहराई तक जानने के लिए यहां के निवासियों द्वारा डबरी निर्माण की पूरी कहानी को खंगाला गया जहां पता चला कि कृषि विभाग के अंर्तगत इस काम को क्षेत्र में सिंचाई के उद्देश्य को लेकर के डाबरी का निर्माण मजदूरों से कराया जाना है जिसके बाद स्थानीय मजदूरों को अपना काम और हक जाता हुआ दिखाई दिया।

सूत्रों की माने तो यह निर्माण मशीन से नहीं मजदूरों से कराया जाना है जिसके लिए मजदूरों को शासन द्वारा निर्धारित भुगतान भी दिया जाना है। निर्माण स्थल पर किसी प्रकार का कोई साइन बोर्ड या निर्माण का कार्य भी नहीं लिखा हुआ था और गांव के स्थानीय निवासियों एवं मजदूरों को इस बात तक की खबर नहीं थी कि आखिर में यह क्या कार्य हो रहा है और किसके आदेश पर हो रहा है वही अभियंता का कहना है कि कार्य आचार संहिता से पहले भूमि पूजन कराया गया है लेकिन डाबरी वाले स्थान पर एक बोर्ड तक नहीं लगा है जिसमें कार्य की जानकारी दी गई हो। जानकारी के अनुसार ऐसे ही कई डबरी का निर्माण विभाग कराया गया है जहां पर मशीन का उपयोग कर डबरी का निर्माण कराया गया और मजदूरों से काम कराने के नाम पर राशि की भुगतान भी कराई गई है।

शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाकर पूरे विभाग की मिली भगत से इस तरह का खेल खेला जा रहा है जहां स्थानीय लोगों व मजदूरों का रोज़गार छिनकर मशीनों से कराया जा रहा है और जमकर कमीशन खोरी की जा रही है।

*बयान*

*अजय अग्रवाल अभियन्ता वाटर शेड*

“हमारे पास विभाग द्वारा जारी अनुमति पत्र है जिसमें मशीन से कार्य करने का अनुमति प्राप्त है, कार्य का पहले से भूमि पूजन किया जा चुका था जिसके बाद कार्य प्रारंभ किया गया है”

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